लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय वैज्ञानिक कार्यशाला में आगरा के नितिन प्रताप सिंह ने शोध प्रस्तुत कर प्राप्त किया सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार

 


आगरा।  भाकृअनुप-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (ICAR-NBFGR) एवं जलीय जैवविविधता संरक्षण सोसायटी (ABCS), लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में हुआ “जलीय जीवों, पर्यावरण एवं समाज पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव (Impact of Climate Change on Aquatic Organisms, Environment and Society)” विषय पर राष्ट्रीय वैज्ञानिक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस राष्ट्रीय वैज्ञानिक कार्यशाला में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय), लखनऊ के पीएचडी शोधार्थी नितिन प्रताप सिंह द्वारा “जलवायु परिवर्तन और मानवजनित दबावों के मध्य जलीय जीवन की चुनौतियां एवं समाधान” विषय पर शोध प्रस्तुति दी गई। उनकी प्रस्तुति को उत्कृष्ट मानते हुए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार (Best Presentation Award) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ICAR-NBFGR के निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती जी एवं अन्य वैज्ञानिकों द्वारा प्रदान किया गया।

नितिन प्रताप सिंह मूल रूप से आगरा के निवासी हैं तथा वर्तमान में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में पीएचडी शोधार्थी के रूप में शोध कार्य कर रहे हैं। उनका शोध कार्य जलीय जैवविविधता, जलीय पारितंत्र एवं पर्यावरण से जुड़े विषयों पर केंद्रित है।

नितिन प्रताप सिंह ने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है। मैं ICAR-NBFGR के निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती जी एवं सभी वैज्ञानिकों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस उपलब्धि के लिए मैं अपनी शोध-निर्देशक एवं सुपरवाइजर प्रो. अब्हा मिश्रा जी का विशेष रूप से धन्यवाद करता हूं। उनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और निरंतर सहयोग ने मुझे इस स्तर तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया है। मैं भविष्य में भी अपने शोध कार्य के माध्यम से अपने विश्वविद्यालय, विभाग और अपने गृह जनपद आगरा का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहूंगा।”

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं बढ़ते मानवजनित दबावों के कारण जलीय पारितंत्र और जैवविविधता के समक्ष अनेक चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। इनके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक शोध, प्रभावी संरक्षण रणनीतियों और जनभागीदारी को बढ़ावा देना आवश्यक है।