- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फिजिशियंस आगरा यूनिट एवं होम्योपैथी विकास दिवस के संयुक्त तत्वावधान आयोजित की गई एक दिवसीय कार्यशाला
आगरा। भारत में स्वास्थ बजट का 97 प्रतिशत एलोपैथी को और बाकी बचे 3 प्रतिशत में होम्योपैथी, आर्युवेद और यूनानी निपट जाते हैं। एलोपैथी की दवाओं का बड़ा व्यापार है। बड़े बड़े देश और व्यापारी फंड करते हैं। होम्योपैथ की सुविधाओं को आमजन तक न पहुंचने के लिए बड़ा षड़यंत्र है। यह विचार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फिजिशियंस (IIHP) आगरा यूनिट एवं होम्योपैथी विकास दिवस के संयुक्त तत्वावधान में फतेहाबाद रोड स्थित होटल रिच ग्रांड में आयोजित वैज्ञानिक सेमिनार विशेषज्ञों द्वारा रखे गए।। कार्यक्रम में देश भर से आए होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से जुड़े 200 से अधिक विशेषज्ञों ने सहभागिता की। चिकित्सा क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अकादमिक चर्चा और होम्योपैथी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला का शुभारम्भ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फिजिशियंस के केंद्रीय क्षेत्र के मुख्य समन्वयक डॉ. राजेन्द्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने होम्योपैथी चिकित्सकों के बीच शैक्षणिक संवाद और आपसी सहभागिता को मजबूत करने के प्रयासों पर बल दिया। इस अवसर पर आईआईएचपी महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गीता मोगिया, राष्ट्रीय सचिव सुधांशु आर्य, प्रदेश अध्यक्ष ओपी श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव अम्बुज सुक्ला, जिला इकाई अध्यक्ष डॉ. एच पाल, डॉ. ओमकार सिंह, मोहित सत्संगी, डॉ. असोक वार्ष्णेय भी मौजूद थे। कार्यशाला में देश भर से 200 से अधिक विशेषज्ञों (दयालबाग कालेज व वीआरएच मेडिकल कालेज ग्वालियर के विद्यार्थियों) ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न वैज्ञानिक प्रस्तुतियां एवं अकादमिक चर्चाएं हुईं। प्रतिभागियों ने होम्योपैथी चिकित्सा से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं, शोध एवं चिकित्सकीय अनुभवों को साझा किया। चर्चा के दौरान आधुनिक समय में चिकित्सा पद्धतियों के वैज्ञानिक अध्ययन, प्रमाण आधारित दृष्टिकोण तथा चिकित्सकों के निरंतर ज्ञानवर्धन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। वैज्ञानिक सत्र में चिकित्सकों को अपने अनुभवों और विचारों को साझा करने का अवसर भी मिला।
संचालन डॉ. रचना श्रीवास्तव व डॉ. नाहर सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. हेमेन्द्र तोमर, डॉ. ओपी मित्तल, डॉ. राजेन्द्र राजपूत, डॉ, अनिल शर्मा, डॉ, अनिल वर्मा, डॉ. विजय सिसौदिया, डॉ. एसके झा, डॉ. विनय जैन, डॉ. अजय मोमर, डॉ. हेमन्त दाकरे, डॉ., डॉ. गोविन्द जादौन, डॉ. राम शुक्ला, डॉ. मनदीप सिंह, डॉ. डॉ. विष्मु शर्मा, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. हरीश कुमार, डॉ. आरएन कुशवाह, डॉ. राजीव लोचन आदि उपस्थित थे।
