राम बारात और जनकपुरी में सुरक्षा - यातायात जैसी अन्य अहम व्यवस्था को लेकर पर हुई चर्चा

 


आगरा। श्री रामलीला कमेटी और श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने राम बारात एवं जनकपुरी महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, स्वच्छता और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों से भेंट की। बैठक में दोनों आयोजनों को व्यवस्थित, सुरक्षित और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन के सहयोग एवं समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई।

श्री रामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष श्री राम बारात 6 अक्टूबर को निकाली जाएगी। हर बार राम बारात अपने निर्धारित समय पर प्रारंभ हो जाती है, लेकिन घाटिया पहुंचने के बाद वापस श्री मनकामेश्वर मंदिर तक आने में काफी समय लग जाता है। इस बार प्रयास है कि राम बारात निर्धारित समय-सीमा में ही पूर्ण हो, जिससे श्रद्धालुओं, झांकियों और आयोजन से जुड़े लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों से मार्ग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया गया।

उन्होंने कहा कि राम बारात के मार्ग में नाले-नालियों की सफाई, जलभराव की स्थिति तथा स्वच्छता व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। इस संबंध में नगर आयुक्त संतोष कुमार से भी वार्ता कर मार्ग की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने का आग्रह किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुगम मार्ग उपलब्ध हो सके।

बैठक में डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास, अपर पुलिस आयुक्त सचिन्द्र पटेल, डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल सहित विभिन्न थानों के एसीपी, अग्निशमन विभाग के अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात संचालन, अग्निशमन व्यवस्था तथा विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक प्रबंधों को लेकर समिति पदाधिकारियों से जानकारी ली।

श्री रामलीला कमेटी की ओर से उपाध्यक्ष मुकेश जौहरी, टीएन अग्रवाल, कोऑर्डिनेटर अंजुल बंसल तथा श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति की ओर से स्वागताध्यक्ष अरविंद शर्मा, मुख्य संयोजक मनोज बंसल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय गोयल, महामंत्री मनोज जादौन एवं पार्षद वेद प्रकाश उपस्थित रहे।

समिति पदाधिकारियों ने कहा कि राम बारात और जनकपुरी महोत्सव आगरा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े प्रमुख आयोजन हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रहती है, इसलिए प्रशासन और आयोजन समितियों के बीच बेहतर समन्वय से ही सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता की व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सकती हैं।