चालान को लेकर बड़ा बदलाव: 45 दिन में भरें या करें चुनौती, जानिए नए नियम

 

आगरा। केंद्रीय मोटर यान (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 के तहत यातायात चालान के भुगतान और उसे चुनौती देने की प्रक्रिया को लेकर समय-सीमा निर्धारित की गई है। नए प्रावधानों के अनुसार वाहन मालिक या चालक को चालान जारी होने के बाद निर्धारित अवधि में या तो जुर्माने की राशि जमा करनी होगी या फिर आपत्ति दर्ज करानी होगी।

एआरटीओ प्रशासन विनय कुमार के अनुसार नए नियमों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक चालान जारी होने के तीन दिनों के भीतर एसएमएस या ई-मेल के माध्यम से इसकी सूचना भेजी जाएगी। वहीं, भौतिक चालान को 15 दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाएगा। यदि वाहन चालक चालान में दर्ज उल्लंघन और जुर्माने की राशि को स्वीकार करता है तो उसे चालान जारी होने की तारीख से 45 दिनों के भीतर निर्धारित पोर्टल या भौतिक माध्यम से भुगतान करना होगा। निर्धारित अवधि में न तो भुगतान करने और न ही चालान को चुनौती देने की स्थिति में चालान को स्वीकार किया हुआ माना जा सकता है। इसके बाद निर्धारित अतिरिक्त अवधि में राशि का भुगतान करना होगा।

गलत चालान पर 45 दिन में दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

यदि वाहन चालक को लगता है कि चालान गलत तरीके से जारी किया गया है, तो वह चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके साथ संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत करने होंगे।

शिकायत की जांच के बाद संबंधित प्राधिकारी चालान को रद्द कर सकता है। यदि चालान रद्द किया जाता है तो संबंधित आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। वहीं, शिकायत खारिज होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को निर्धारित अवधि में चालान का भुगतान करने या न्यायालय में अपील करने का विकल्प मिलेगा।

                          

कोर्ट जाने से पहले 50 प्रतिशत राशि जमा करना जरूरी

प्राधिकारी द्वारा चुनौती खारिज किए जाने के बाद न्यायालय का रुख करने के लिए निर्धारित 30 दिनों की अवधि होगी। न्यायालय में आवेदन करने से पहले चालान की 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से जमा करनी होगी। यदि निर्धारित 30 दिनों के भीतर न तो चालान का भुगतान किया गया और न ही न्यायालय में आवेदन किया गया, तो चालान को स्वीकार किया हुआ माना जा सकता है। इसके बाद निर्धारित अवधि में पूरी राशि जमा करनी होगी।

चालान लंबित रहने पर वाहन से जुड़े काम हो सकते हैं प्रभावित

निर्धारित समय-सीमा में चालान का भुगतान नहीं करने पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नोटिस भेजे जाने का प्रावधान है। इसके साथ ही वाहन को पोर्टल पर Not to be transffered के रूप में चिह्नित किया जा सकता है। लंबित चालान का भुगतान होने तक वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) से संबंधित कई आवेदन प्रक्रियाधीन नहीं किए जाएंगे। हालांकि, वाहन कर से संबंधित आवेदनों को इस प्रावधान से अलग रखा गया है।

इसके अलावा नियमों के तहत अधिकृत पुलिस या राज्य अधिकारी संबंधित उल्लंघन में शामिल वाहन को निरुद्ध भी कर सकते हैं। ऐसे में वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि चालान जारी होने के बाद निर्धारित समय-सीमा का ध्यान रखें और गलत चालान की स्थिति में समय रहते निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराएं।