आगरा में सड़क सुरक्षा को नई दिशा: 208 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन का डेटा गूगल मैप से साझा, दुर्घटना संभावित स्थलों पर मिलेगा अग्रिम अलर्ट

- सड़क हादसों में 15.4 प्रतिशत और ट्रैफिक कंजेशन में 37.1 प्रतिशत की कमी, ब्लैक स्पॉट 44 से घटकर 33 हुए।

- नो हेलमेट, नो फ्यूल’ नीति होगी प्रभावी, 50 से अधिक लंबित चालान वाले वाहन होंगे ब्लैकलिस्ट।


आगरा। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा आमजन को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के लिए आगरा में जिला प्रशासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा अभियान को आधुनिक तकनीक का भी साथ मिला है। जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल जी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की कार्ययोजना के अंतर्गत दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान, ब्लैक स्पॉट सुधार, प्रभावी प्रवर्तन, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

इसी दृष्टिगत आगरा की 208 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन का डेटा गूगल के साथ साझा किया गया है। गूगल मैप के माध्यम से दुर्घटना संभावित स्थानों के करीब पहुंचने पर वाहन चालकों को अग्रिम चेतावनी उपलब्ध कराने की पहल की गई है। संभावित दुर्घटना स्थल से लगभग 500 मीटर पहले वाहन चालक को अलर्ट मिल सकता है तथा दृश्य संकेत के साथ आवाज के माध्यम से भी सावधान किया जा सकता है। इसका उद्देश्य संवेदनशील स्थान पर पहुंचने से पहले ही वाहन चालक को गति नियंत्रित करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने का अवसर देना है।

गौरतलब है कि प्रदेश में डीजीपी राजीव कृष्ण जी के निर्देशन में सड़क हादसों एवं ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी लाने के लिए चलाए जा रहे रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन अभियान को आगरा में जिला सड़क सुरक्षा समिति की कार्ययोजना से प्रभावी रूप से जोड़ा गया है। आगरा में आठ प्रमुख मार्ग चिन्हित कर वाहनों के आवागमन, गति एवं जाम की स्थिति का अध्ययन किया गया। गूगल के माध्यम से प्राप्त यातायात डेटा का उपयोग पुलिस बल की ड्यूटी आवश्यकता के अनुरूप लगाने तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किया गया। इसके परिणामस्वरूप ट्रैफिक कंजेशन में 37.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार जनपद में पूर्व में 44 ब्लैक स्पॉट और 208 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन चिन्हित की गई थीं। इन स्थानों पर सुधारात्मक कार्रवाई किए जाने के बाद ब्लैक स्पॉट की संख्या 44 से घटकर 33 रह गई है। अब इन दुर्घटना संभावित स्थानों का डेटा गूगल मैप पर उपलब्ध कराने की पहल से सड़क सुरक्षा को निवारक दृष्टिकोण मिला है, जिसमें दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई के बजाय दुर्घटना की संभावना वाले स्थान पर पहुंचने से पहले ही वाहन चालक को सचेत करने का प्रयास किया जा रहा है।

आगरा में सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों का प्रभाव दुर्घटना के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। जनवरी से जुलाई 2025 की तुलना में जनवरी से जुलाई 2026 में सड़क दुर्घटनाएं 865 से घटकर 732 रह गईं। इस प्रकार दुर्घटनाओं में 133 की कमी के साथ 15.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसी अवधि में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या 459 से घटकर 430 तथा घायलों की संख्या 771 से घटकर 617 हो गई। मृतकों में 29 तथा घायलों में 154 की कमी दर्ज की गई है।

जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क सुरक्षा, प्रवर्तन, यातायात प्रबंधन एवं दुर्घटना न्यूनीकरण की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए थे। जनपद में 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' नीति को प्रभावी रूप से लागू करने, परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा किए गए चालानों की वसूली के लिए संयुक्त कार्ययोजना बनाने तथा 50 से अधिक लंबित चालान वाले वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। ऐसे वाहनों के स्वामियों को नोटिस देने तथा आवश्यकतानुसार धारा 53 एवं धारा 19 के अंतर्गत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

आईटीएमएस के प्रवर्तन योग्य मामलों में परिवहन विभाग को आवश्यक फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रभावी चालान कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

खराब सड़कों के सुधार के लिए 15 दिन की समयसीमा निर्धारित की गई है। पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई एवं नगर निगम द्वारा सड़कों के रखरखाव की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण में चिन्हित पांच खराब सड़कों पर अगले 15 दिनों में सुधार कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। निर्धारित समय में सुधार न होने पर संबंधित सड़क निर्माण अथवा अनुरक्षण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही प्रत्येक सड़क की जिम्मेदार एजेंसी की स्पष्ट पहचान के लिए सड़क के प्रारंभिक बिंदु पर संबंधित एजेंसी का नाम प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।

चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर कराए गए सुधार कार्यों का पुनः परीक्षण एवं ऑडिट कराने के निर्देश पुलिस विभाग को दिए गए हैं। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य जिला मार्गों पर बढ़ती दुर्घटनाओं एवं मृत्यु दर को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को मार्गवार दुर्घटना विश्लेषण रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

अतिक्रमण एवं यातायात जाम की समस्या को लेकर थाना एवं चौकी प्रभारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया गया कि अतिक्रमण हटाने एवं जाम नियंत्रण की कार्रवाई केवल औपचारिक अभियान न होकर नियमित एवं सतत प्रक्रिया के रूप में संचालित की जाए।

स्कूल वाहनों एवं एम्बुलेंस व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया है। परमिट अथवा फिटनेस समाप्त हो चुके स्कूल वाहनों का संचालन कराने वाले विद्यालयों को नोटिस देने, सभी विद्यालयों को व्हाट्सऐप समूह के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने तथा इसके लिए नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त जनपद में 108 एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने तथा उनके रिस्पॉन्स टाइम में सुधार के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए हैं।

रायभा टोल प्लाजा एवं फतेहाबाद स्थित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे टोल प्लाजा द्वारा ओवरलोड वाहनों की सूचना समय से उपलब्ध न कराने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों टोल प्लाजा के प्रबंधकों को अगली बैठक में आवश्यक आंकड़ों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा अभियान में परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय को विशेष महत्व दिया जा रहा है। दुर्घटना के आंकड़ों का विश्लेषण, क्रिटिकल क्रैश लोकेशन की पहचान, ब्लैक स्पॉट सुधार, प्रवर्तन, ओवरलोडिंग एवं यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई तथा संवेदनशील मार्गों की निगरानी को एकीकृत किया गया है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, आगरा आलोक कुमार अग्रवाल द्वारा परिवहन विभाग की ओर से दुर्घटना संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण, क्रिटिकल क्रैश लोकेशन के डेटा के संकलन एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय, प्रवर्तन कार्रवाई तथा सड़क सुरक्षा की कार्ययोजना को धरातल पर प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई जा रही है। डेटा आधारित निर्णय और दुर्घटनाओं की रोकथाम पर केंद्रित दृष्टिकोण को विशेष रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।

आगरा में सड़क सुरक्षा अभियान अब केवल चालान एवं प्रवर्तन तक सीमित नहीं है। ब्लैक स्पॉट सुधार, सड़क की स्थिति में सुधार, अतिक्रमण एवं जाम नियंत्रण, स्कूल वाहनों की जांच, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई, दुर्घटना विश्लेषण और गूगल मैप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर क्रैश लोकेशन की मैपिंग—इन सभी प्रयासों को एक साथ जोड़कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम का समग्र मॉडल तैयार किया जा रहा है।

जिलाधिकारी मनीष बंसल के नेतृत्व में जिला सड़क सुरक्षा समिति की कार्ययोजना, परिवहन एवं पुलिस विभाग के समन्वित प्रयास और आधुनिक तकनीक के उपयोग से आगरा में सड़क सुरक्षा को नई दिशा मिली है। अब लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं के आंकड़े कम करना नहीं, बल्कि तकनीक, डेटा और विभागीय समन्वय के माध्यम से दुर्घटना होने से पहले ही उसे रोकना है।

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