AOS के जन-जागरूकता शिविरों में 45 महिलाओं की जाँच, 80 प्रतिशत में कम अस्थि घनत्व के संकेत


आगरा। आगरा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी के जन-जागरूकता अभियान “Agra Moves Better–2026” के अंतर्गत महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस की समय रहते पहचान और रोकथाम के उद्देश्य से दो BMD (Bone Mineral Density) जाँच शिविर आयोजित किए गए। एक शिविर अपना घर अन्नपूर्णा महिला आश्रम, न्यू राजा मंडी में तथा दूसरा शिविर वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक विज के क्लिनिक पर आयोजित हुआ।

दोनों शिविरों में कुल 45 महिलाओं की हड्डियों के घनत्व की जाँच की गई। प्रारम्भिक BMD स्क्रीनिंग में लगभग 20 प्रतिशत महिलाओं की अस्थि घनत्व रिपोर्ट सामान्य, 50 प्रतिशत में ऑस्टियोपीनिया तथा 30 प्रतिशत में ऑस्टियोपोरोसिस के संकेत पाए गए। इस प्रकार जाँच कराई गई प्रत्येक पाँच में से लगभग चार महिलाओं में हड्डियों की कमजोरी किसी न किसी स्तर पर सामने आई।

अपना घर अन्नपूर्णा महिला आश्रम में आगरा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने महिलाओं को बताया कि रजोनिवृत्ति के बाद हार्मोनल परिवर्तन के कारण हड्डियों की मजबूती तेजी से कम हो सकती है। संतुलित एवं प्रोटीनयुक्त आहार, कैल्शियम और विटामिन-D युक्त खाद्य पदार्थ, नियमित धूप, वजन वहन करने वाले व्यायाम, मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली कसरत तथा गिरने से बचाव के उपाय ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम में महत्वपूर्ण हैं।

डॉ. अशोक विज ने अपने क्लिनिक पर आयोजित शिविर में महिलाओं को नियमित शारीरिक गतिविधि, उचित आहार और समय-समय पर हड्डियों की जाँच के प्रति जागरूक किया। जिन महिलाओं की स्क्रीनिंग में अस्थि घनत्व कम पाया गया, उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श तथा आगे की जाँच कराने की सलाह दी गई।

आगरा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी ने नागरिकों से अपील की है कि हड्डी टूटने की घटना होने की प्रतीक्षा न करें। विशेष रूप से रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाएँ, वरिष्ठ नागरिक, पूर्व में मामूली चोट से फ्रैक्चर झेल चुके व्यक्ति तथा लंबे समय से स्टेरॉयड लेने वाले रोगी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार अपनी हड्डियों की जाँच अवश्य कराएँ।


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