रक्षाबंधन पर भाई की राशि और जन्मतिथि के अनुसार चुनें राखी का रंग : डॉ शिल्पा जैन (ज्योतिषी)

 



AGRA | राखी का धागा बने सुख, समृद्धि और भाई-बहन के मजबूत रिश्ते का सूत्र, रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, स्नेह और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का पर्व है। श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते में आत्मीयता और शुभकामनाओं का भाव लेकर आता है। बहन भाई की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और सफलता की कामना करती है, वहीं भाई जीवनभर बहन का साथ देने और उसकी रक्षा करने का संकल्प लेता है। परंपरागत रूप से राखी बांधने की रस्म में तिलक, अक्षत, आरती, मिठाई और आशीर्वाद भी शामिल होते हैं।

2026 में कब है रक्षाबंधन?

वर्ष 2026 में रक्षाबंधन शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। राखी बांधते समय अपने शहर के पंचांग के अनुसार तिथि और शुभ मुहूर्त देखना उचित रहेगा, क्योंकि स्थान के अनुसार सूर्योदय और तिथि के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इस वर्ष भद्रा को लेकर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।

राखी का रंग भी हो सकता है खास

ज्योतिष में अलग-अलग ग्रहों और राशियों से अलग-अलग रंगों का संबंध माना जाता है। इसलिए यदि बहन भाई की राशि के अनुसार राखी का रंग चुनती है, तो यह एक सुंदर ज्योतिषीय परंपरा के रूप में अपनाया जा सकता है।

यह ध्यान रखना चाहिए कि राखी का रंग कोई निश्चित भविष्यवाणी या वैज्ञानिक उपाय नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय मान्यता और शुभ रंगों की परंपरा पर आधारित सुझाव है।

मेष राशि — लाल या नारंगी

मेष राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं। इस राशि के भाई के लिए लाल, नारंगी या सिंदूरी रंग की राखी शुभ मानी जा सकती है। ये रंग ऊर्जा, उत्साह, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक माने जाते हैं।

विशेष उपाय: भाई को राखी बांधने के बाद गुड़ खिलाएं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करें।

वृषभ राशि — सफेद या हल्का नीला

वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। इनके लिए सफेद, क्रीम, हल्का गुलाबी या हल्का नीला रंग अच्छा माना जा सकता है। ये रंग शांति, प्रेम और सौहार्द का भाव बढ़ाते हैं।

विशेष उपाय: भाई-बहन एक-दूसरे को मीठा खिलाकर पुराने मतभेद समाप्त करने का संकल्प लें।

मिथुन राशि — हरा

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। इसलिए हरा रंग इस राशि के लिए विशेष माना जाता है। हरा रंग बुद्धि, संवाद, सीखने और विकास से जोड़ा जाता है।

विशेष उपाय: भाई को हरे रंग की राखी बांधें और हरी मूंग का दान करें।

कर्क राशि — सफेद या सिल्वर

कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। इस राशि के भाई के लिए सफेद, सिल्वर या क्रीम रंग की राखी चुनी जा सकती है। ये रंग शीतलता, भावनात्मक संतुलन और शांति का प्रतीक माने जाते हैं।

विशेष उपाय: भाई के माथे पर चंदन का तिलक लगाकर उसके मानसिक सुख और शांति की प्रार्थना करें।

सिंह राशि — सुनहरा, नारंगी या लाल

सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं। इनके लिए सुनहरा, नारंगी, केसरिया या लाल रंग शुभ माना जा सकता है। ये रंग आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़े माने जाते हैं।

विशेष उपाय: भाई को गुड़ खिलाएं और उसके कार्यक्षेत्र में सफलता की कामना करें।

कन्या राशि — हरा

कन्या राशि पर बुध का प्रभाव माना जाता है। इसलिए हरा रंग इस राशि के भाई के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।

विशेष उपाय: हरी सब्जियों या हरे फल का दान करना शुभ माना जा सकता है।

तुला राशि — सफेद, गुलाबी या आसमानी

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस राशि के भाई के लिए सफेद, गुलाबी, क्रीम या आसमानी रंग की राखी सुंदर और शुभ मानी जा सकती है।

विशेष उपाय: किसी जरूरतमंद को मिठाई या सफेद वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि — लाल या मैरून

वृश्चिक राशि का संबंध मंगल से माना जाता है। इस राशि के लिए लाल, मैरून या गहरा नारंगी रंग चुना जा सकता है।

विशेष उपाय: भाई की सफलता और स्वास्थ्य की कामना करते हुए हनुमान जी का स्मरण करें।

धनु राशि — पीला या केसरिया

धनु राशि के स्वामी गुरु माने जाते हैं। इसलिए पीला, हल्का केसरिया या सुनहरा रंग शुभ माना जा सकता है।

विशेष उपाय: पीली मिठाई का भोग लगाकर किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।

मकर राशि — नीला या काला

मकर राशि के स्वामी शनि हैं। इनके लिए गहरा नीला, नेवी ब्लू या काला रंग ज्योतिषीय दृष्टि से संबंधित माना जाता है। हालांकि राखी के लिए बहुत गहरे रंग की जगह नीला रंग अधिक सौम्य विकल्प हो सकता है।

विशेष उपाय: जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या उपयोगी वस्तु का दान करें।

कुंभ राशि — नीला या बैंगनी

कुंभ राशि का संबंध भी शनि से माना जाता है। इसलिए नीला, इंडिगो या बैंगनी रंग चुना जा सकता है।

विशेष उपाय: किसी जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करें और भाई के जीवन में स्थिरता की प्रार्थना करें।

मीन राशि — पीला या हल्का नारंगी

मीन राशि के स्वामी गुरु माने जाते हैं। इनके लिए पीला, हल्का नारंगी या सुनहरा रंग शुभ माना जा सकता है।

विशेष उपाय: केले या पीली मिठाई का दान करें और भाई के सुख-समृद्धि की कामना करें।

जन्मतिथि के अनुसार भी चुन सकते हैं राखी का रंग

यदि भाई की राशि ज्ञात न हो, तो उसकी जन्मतिथि के मूलांक के आधार पर भी रंग का चुनाव किया जा सकता है। जन्म की तारीख को जोड़कर एक अंक प्राप्त किया जाता है। उदाहरण के लिए 24 तारीख को जन्म हुआ है तो 2+4 = 6, इसलिए मूलांक 6 होगा।

मूलांक 1 — लाल, नारंगी या सुनहरा

सूर्य से संबंधित मूलांक। आत्मविश्वास और नेतृत्व के लिए इन रंगों को शुभ माना जाता है।

मूलांक 2 — सफेद, सिल्वर या क्रीम

चंद्रमा से संबंधित मूलांक। शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए ये रंग चुने जा सकते हैं।

मूलांक 3 — पीला या केसरिया

गुरु से संबंधित मूलांक। ज्ञान, उन्नति और सकारात्मकता के लिए पीला रंग अच्छा माना जाता है।

मूलांक 4 — नीला या ग्रे

राहु से संबंधित मूलांक माना जाता है। राखी के लिए हल्का नीला या ग्रे रंग अपनाया जा सकता है।

मूलांक 5 — हरा

बुध से संबंधित मूलांक। शिक्षा, व्यापार, बुद्धि और संवाद के लिए हरा रंग शुभ माना जाता है।

मूलांक 6 — सफेद, गुलाबी या हल्का नीला

शुक्र से संबंधित मूलांक। प्रेम, सौहार्द और पारिवारिक सुख के लिए ये रंग अच्छे माने जाते हैं।

मूलांक 7 — सफेद या हल्का पीला

केतु से संबंधित मूलांक माना जाता है। शांत और हल्के रंगों का प्रयोग किया जा सकता है।

मूलांक 8 — नीला या इंडिगो

शनि से संबंधित मूलांक। स्थिरता और धैर्य के प्रतीक के रूप में नीला रंग चुना जा सकता है।

मूलांक 9 — लाल या नारंगी

मंगल से संबंधित मूलांक। ऊर्जा, साहस और उत्साह के लिए लाल रंग शुभ माना जाता है।

एक महत्वपूर्ण बात: यदि राशि और मूलांक के रंग अलग-अलग हों तो बहन भाई की पसंद, व्यक्तित्व और सहजता को भी प्राथमिकता दे सकती है। त्योहार का उद्देश्य प्रेम और शुभकामना है, इसलिए रंग को लेकर अनावश्यक चिंता नहीं करनी चाहिए।

राखी बांधते समय करें ये छोटे-छोटे उपाय

रक्षाबंधन के दिन कुछ सरल उपाय रिश्ते में सकारात्मकता और शुभ भाव बढ़ाने के लिए किए जा सकते हैं—

1. भाई के माथे पर तिलक लगाएं

रोली या चंदन से तिलक लगाकर अक्षत लगाएं और भाई की लंबी आयु एवं सुख की प्रार्थना करें।

2. आरती करें

राखी बांधने से पहले भाई की आरती करना पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है।

3. मिठाई खिलाएं

भाई को मिठाई खिलाकर रिश्ते में मिठास बनाए रखने का संकल्प लें।

4. जरूरतमंद को दान करें

रक्षाबंधन पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन, कपड़े, मिठाई या उपयोगी वस्तु का दान करें।

5. माता-पिता का आशीर्वाद लें

राखी बांधने के बाद परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना पारिवारिक सुख और संस्कारों की सुंदर परंपरा है।

6. बहन को सम्मान दें

रक्षाबंधन केवल भाई की रक्षा का संकल्प नहीं, बल्कि बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख का भी प्रतीक है।

रक्षाबंधन के दिन क्या न करें?

रक्षाबंधन प्रेम और शुभता का पर्व है, इसलिए इस दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए—

राखी बांधने में भद्रा काल का ध्यान रखें और अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखें।

भाई-बहन को आपस में कटु शब्द बोलने और विवाद करने से बचना चाहिए।

क्रोध, अहंकार और पुराने विवादों को इस दिन बढ़ाने के बजाय समाप्त करने का प्रयास करें।

राखी बांधने की रस्म को केवल दिखावे या महंगे उपहारों तक सीमित न रखें।

भोजन की बर्बादी न करें।

सामर्थ्य से अधिक खर्च करके त्योहार मनाने की आवश्यकता नहीं है।

किसी गरीब, जरूरतमंद या बुजुर्ग का अपमान न करें; संभव हो तो उनकी सहायता करें।

राखी के धागे को केवल फैशन की वस्तु न मानें—उसमें जुड़े प्रेम और जिम्मेदारी के भाव को समझें।

इस रक्षाबंधन लें एक नया संकल्प

आज के समय में भाई-बहन का रिश्ता केवल “भाई मेरी रक्षा करेगा” तक सीमित नहीं होना चाहिए। असली रक्षा तब है जब भाई बहन के सुख-दुख में उसके साथ खड़ा हो और बहन भी भाई के जीवन में प्रेम, विश्वास और सकारात्मकता का आधार बने।

राखी की एक छोटी-सी डोर हमें यह याद दिलाती है कि रिश्ते खून से बनते हैं, लेकिन विश्वास, सम्मान और साथ से मजबूत होते हैं।

इस रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय केवल एक इच्छा न करें कि “मेरा भाई हमेशा खुश रहे”, बल्कि यह भी संकल्प लें—

“हमारे रिश्ते में प्रेम बना रहे, मन में सम्मान बना रहे, सुख-दुख में साथ बना रहे और परिवार में हमेशा खुशियों की रोशनी बनी रहे।”

यही रक्षाबंधन की सबसे सुंदर ज्योतिषीय और आध्यात्मिक भावना है—

राखी का धागा कलाई पर बंधे, लेकिन उसका प्रेम जीवनभर दिलों को जोड़े रखे।

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