हाथियों की देखभाल की वैश्विक विशेषज्ञता और वाइल्डलाइफ़ एसओएस के लगभग दो दशकों के बचाव और पुनर्वास के अनुभव को आपस में किया गया सांझा।
आगरा। कल यानी कि 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस से पहले, वाइल्डलाइफ एसओएस ने अंतरराष्ट्रीय हाथी देखभाल विशेषज्ञ माइक मैक्लुर के नेतृत्व में मैक्लुर इंटरनेशनल कंसल्टिंग (एम.आई.सी) के साथ एक नए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से बचाए गए हाथियों की आजीवन देखभाल और कल्याण में सुधार के लिए अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
इस सहयोग से भारत में बंधक हाथियों को बचाने और उनके पुनर्वास में वाइल्डलाइफ़ एसओएस के लगभग दो दशकों के अनुभव और हाथियों की भलाई व देखभाल करने वालों की ट्रेनिंग में 'एम.आई.सी' की अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता एक साथ आई। इसके तहत, 'मैक्लूअर इंटरनेशनल कंसल्टिंग' ने हाल ही में मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में एक हफ़्ता बिताया और वाइल्डलाइफ़ एसओएस के पशु चिकित्सकों और हाथियों की देखभाल करने वालों के साथ मिलकर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए। इन सेशन में हाथियों की सेहत, व्यवहार और जीवन की कुल गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए प्रैक्टिकल और सबूतों पर आधारित तरीकों पर ध्यान दिया गया, साथ ही टीमों के बीच लगातार जानकारी साझा करने और सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया गया।
क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कई क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया, जैसे कि पैरों की बेहतर देखभाल और चलने-फिरने की क्षमता, सकारात्मक प्रोत्साहन वाली ट्रेनिंग, हाथियों का सामाजिक मेलजोल, उनके माहौल को बेहतर बनाना और उनकी देखभाल करने वालों का विकास। ये तरीके पुरानी चोटों से जूझ रहे हाथियों के आराम और चलने-फिरने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, साथ ही उनके स्वस्थ व्यवहार और मजबूत सामाजिक रिश्तों को भी बढ़ावा दे सकते हैं।
मथुरा के डी.एफ.ओ, वेंकट श्रीकर पटेल आई.एफ.एस, ने कहा, "बचाए गए हाथियों की भलाई के लिए लगातार सीखने, ज़िम्मेदारी से देखभाल करने और मज़बूत सहयोग की ज़रूरत होती है। ऐसी पहल से जानकारी साझा करने और हाथियों की भलाई के लिए काम करने वाली टीमों की क्षमता बढ़ाने के बेहतरीन मौके मिलते हैं। हम वाइल्डलाइफ़ एसओएस की उन कोशिशों की तारीफ़ करते हैं, जिनसे इस सेंटर में रखे गए हाथियों की देखभाल के स्टैंडर्ड को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।"
माइक मैक्लूअर ने कहा*, "वाइल्डलाइफ़ एसओएस ने हाथियों को बचाने के कुछ सबसे मुश्किल मामलों में अनुभव रखने वाली एक बेहतरीन टीम बनाई है। यह सहयोग ज्ञान और विचारों का सही आदान-प्रदान है, और हम साथ मिलकर हाथियों की भलाई के लिए नए तरीके खोजते रह सकते हैं।"

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