विदेश में सम्मानित होने के उपरांत माधुर्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्था की मासिक काव्य गोष्ठी संपन्न

 


आगरा। माधुर्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित मासिक काव्य गोष्ठी साहित्य, संस्कृति एवं सृजन का अनुपम उत्सव बनकर संपन्न हुई। कार्यक्रम में नगर के प्रख्यात साहित्यकारों, कवियों, कवयित्रियों, साहित्यप्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की संस्थापिका एवं अध्यक्ष श्रीमती निशी राज जैन द्वारा प्रस्तुत मधुर एवं भावपूर्ण माँ सरस्वती वंदना से हुआ। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आकाशवाणी के कार्यकारी निदेशक श्री अनेंद्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि "साहित्य समाज की आत्मा है। ऐसे साहित्यिक आयोजन भाषा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को जीवंत बनाए रखते हैं। माधुर्य संस्था जिस समर्पण के साथ वरिष्ठ और नवोदित रचनाकारों को एक मंच पर ला रही है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है।"

कार्यक्रम अध्यक्ष श्री जय सिंह नीरद जी ने अपनी बुआ का संस्मरण सुनाया और कहा कि "कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्क समाज की चेतना का स्वर है। नई प्रतिभाओं को मंच देना सबसे बड़ी साहित्य-सेवा है, और माधुर्य संस्था इस दायित्व का अत्यंत सुंदर निर्वहन कर रही है।"

मिलन जी ने शास्त्रीय नृत्य कथक की एंकरिंग करते हुए अपने जीवन के दो वर्षीय रोचक यात्रा वृत्तांत के संदर्भ में एक घटना सुनाकर सभी को चकित कर दिया।

इस अवसर पर संस्था की संस्थापिका एवं अध्यक्ष श्रीमती निशी राज जैन ने अपने हालिया यूनाइटेड किंगडम प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि वहाँ प्रतिष्ठित गीतांजलि बहुभाषीय साहित्यिक संस्था द्वारा उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। उन्होंने इस सम्मान को अपना व्यक्तिगत सम्मान न मानते हुए भारतीय संस्कृति, हिंदी भाषा और संस्था के समस्त साहित्यकारों का सम्मान बताया और अपना अभूतपूर्व संस्मरण सुनाया।

विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवयित्री डॉ कुसुम चतुर्वेदी ने ग़ज़ल सुना सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात सभी ने अपने यात्रा संस्मरण साझा किए। काव्य-पाठ का क्रम प्रारंभ हुआ। जिसमें डॉ राजेंद्र मिलन, डॉ सुषमा सिंह, रमा वर्मा, नंद नंदन,आचार्य उमा शंकर,दीपक श्रीवास्तव , ब्रज बिहारी बिरजू, वरिष्ठ पत्रकार आदर्शनंदन,प्रभुदत्त उपाध्याय, ओम स्वरूप गर्ग, मनीष अग्रवाल, डॉ राजीव शर्मा निस्पृह, राम कपूर, डॉ रामेन्द्र शर्मा, डॉ अशोक अश्रु, विनय बंसल, रजनी सिंह,लोकेश पिप्पल, आदि सभी ने अपने यादगार संस्मरण प्रस्तुत कर सभी को भाव विभोर कर दिया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए श्रीमती निशी राज जैन ने सभी अतिथियों, कवियों, साहित्यकारों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माधुर्य संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और मानवीय मूल्यों की सतत सेवा करना तथा नवोदित प्रतिभाओं को सशक्त मंच प्रदान करना है। संस्था भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ अपनी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।

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