हाल ही में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के उपलक्ष्य में डॉ. मारिया एकेडमी स्थित स्विमिंग पूल में उन्होंने अपनी इस अद्भुत कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर वहां मौजूद हर कोई दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गया।
मौके पर मौजूद गणमान्य लोग रहे चकितइस अद्भुत प्रदर्शन को देखने के लिए शहर की कई जानी-मानी हस्तियां और कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद थे। इस दौरान मुख्य रूप से उपस्थित लोगों में शामिल थे:
निशांत चतुर्वेदी (राजेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल, आगरा), रविंद्र गुप्ता (वरिष्ठ अधिवक्ता), सुमंत चतुर्वेदी (अधिवक्ता), भागीरथ सिंह (अधिवक्ता) आदि ने हरेश चतुर्वेदी के इस असाधारण प्रयास की जमकर सराहना की और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इसे ताजनगरी के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
पानी पर तैरती ध्यान मुद्राजल योग के दौरान हरेश चतुर्वेदी पानी की सतह पर कभी पद्मासन, कभी शवासन तो कभी ध्यान मुद्रा में पूरी तरह स्थिर नजर आते हैं। वे पानी में खड़े होकर और बैठकर सूर्य नमस्कार, बद्ध पद्मासन, उत्थान कवासन, मत्स्यासन और भ्रामरी प्राणायाम जैसी 50 से अधिक जटिल योग क्रियाएं कर लेते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान उनका शरीर पानी में डूबता नहीं है, बल्कि एक लकड़ी के तख्ते या हवा भरे गुब्बारे की तरह पानी के ऊपर ही तैरता रहता है। उन्होंने साझा किया कि करीब 32 वर्ष पहले उन्होंने किताबों में इस योग के बारे में पढ़ा था और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति व रोजाना दो घंटे की कड़ी मेहनत से महज दो महीने के भीतर ही इस पर महारत हासिल कर ली थी। वे पानी के भीतर लगातार 6 से 8 घंटे तक रहकर योग करने की क्षमता रखते हैं।
बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियों में रामबाणपेशे से वकील हरेश चतुर्वेदी का दावा है कि जमीन पर योग करने की तुलना में जल में योग करने से शरीर को दोगुनी ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति मिलती है। उनके अनुसार, जल योग करने से:ब्लड प्रेशर (BP) पूरी तरह नियंत्रित रहता है।डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों को इससे गजब का सुधार देखने को मिलता है।जोड़ों के दर्द (Joint Pain) और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं में यह तुरंत राहत देता है।फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और मानसिक तनाव पूरी तरह गायब हो जाता है।
लोगों के लिए बने प्रेरणास्रोतवकालत के तनावभरे पेशे में होने के बावजूद हरेश चतुर्वेदी ने जिस तरह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अपनी सेहत और अध्यात्म का संतुलन दिखाया है, वह आज के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उनकी इस अनोखी प्रतिभा को देखने और उनसे जल योग के गुर सीखने के लिए अब दूर-दूर से लोग आगरा पहुंच रहे हैं। उनका मानना है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से केवल 15 दिन भी जल योग का सही अभ्यास कर ले, तो उसका शरीर साल भर ऊर्जवान बना रहता है।

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