पुरुषोत्तम मास की अंतिम सनातन भक्ति संगीत संध्या का हुआ सफल आयोजन, कलाकारों ने प्रस्तुतियों से मनमोहा


आगरा। रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल (अन्तर्राष्ट्रीय वृद्ध जन सम्मान समिति) एवम् सुभारत संगीत निकेतन, सिकंदरा के संयुक्त तत्वावधान में पवित्र पुरुषोत्तम अधिक मास के शुभ अवसर पर अंतिम "सनातन भक्ति संगीत संध्या" का शानदार आयोजन श्री हरिकृष्ण वृद्ध जन सम्मान भवन, पश्चिम पुरी, सिकंदरा में संपन्न हुआ। 

शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जलन एवम् समाजसेवी हरिकृष्ण गुप्ता के चित्र पर माल्यार्पण द्वारा निदेशकद्वय दीपक प्रहलाद एवं मंजू गुप्ता, ज्योति अग्रवाल, देवाशीष चटर्जी, रत्ना चटर्जी, विशिष्ट अतिथि सुभाष बासु सहित वृद्धजन सम्मान समिति के सह संस्थापक डॉ. गिरीश गुप्ता, मंजू गुप्ता, सुभारत संगीत निकेतन के पं. देवाशीष गांगुली, मीता गांगुली, स्वाति जैन गुप्ता ने किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एक विशेष प्रस्तुति गौरांग महाप्रभु अष्टक एवं राधा शिक्षा अष्टक की रही, जिसको भजन गायक एवं संगीत गुरु पण्डित देवाशीष गांगुली ने प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस अत्यन्त भावरस पूर्ण प्रस्तुति में डॉ. गिरीश सी. गुप्ता ने गौरांग श्री चैतन्य महाप्रभु के जीवन यात्रा और राधा कृष्ण भक्ति धारा के विषय में अपने उद्बोधन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इससे पूर्व कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक सरस्वती मंत्र गायन से हुआ। इसके अलावा वातावरण प्रियांशु कृष्ण के सुंदर बांसुरी वादन और मंगल ध्वनि से भी गूंज उठा। सुभारत संगीत निकेतन के शिक्षार्थियों में समृद्धि सिंह ने "रामा रामा रटते रटते" भजन से सबका मन मोह लिया। कवि प्रभुदत्त उपाध्याय ने सुंदर काव्य पाठ किया। प्रतीक्षा जैन, रागिनी जैन, चित्रा गोयल, वैभव शर्मा, भव्यांश, शांभवी ठाकुर, उत्कर्ष तिवारी ने सुंदर शिव वंदना और एकल गायन से मन मोहा। एत्मादपुर की कीर्ति कुमारी ने अति मोहक तांडव नृत्य प्रस्तुत किया। महिमा सत्संगी और अरमा कुमारी ने राधास्वामी भजन "सांचा साहब एक तू" पाठ से भक्ति भाव जगाया। आदित्य सिंह राणा ने ब्रह्मकुमारी भजन "जागो" भजन गाकर मंत्र मुग्ध कर लिया। मंजू गुप्ता ने भी मधुर भजन प्रस्तुत किया। निशा गोस्वामी ने "वृंदावन के बांके बिहारी" और निखिल कुलश्रेष्ठ एवं प्रशांत परिहार ने "जो प्रेम गली में आए हैं" के मोहक गान से दिल जीता। पूजा अग्रहरि ने नृत्य और भजन प्रस्तुति दी। महेंद्र पाल सिंह ने "कान्हा मोरे मन" सरीखे सुमधुर भजनों से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर लिया।

कार्यक्रम का अति कुशल मंच संचालन झील गौतम ने किया। संगीत निर्देशन पंडित देवाशिष गांगुली 'संगीतेश' का रहा। तबले पर प्रशांत अदक, ढोलक पर राजू पाण्डेय ने कुशल संगति की। अतिथियों और सहयोगियों को सम्मान पत्र भी प्रदान किए गए। साथ ही सभी कलाकार प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में नगर के कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। 

धन्यवाद ज्ञापन वृद्धजन सम्मान समिति के सह संस्थापक एवं सेवा प्रमुख डॉ. गिरीश सी. गुप्ता ने किया।

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