संचेतना संगम मासिक पत्रिका के तत्वावधान में आयोजित वीडियो काव्य गोष्ठी

आगरा। रविवार को राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती राज कुमारी चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। मुख्य अतिथि थे उप शिक्षा निदेशक (DANICS अधिकारी), दिल्ली श्री एस.जी.एस.सिसौदिया 'निसार'। सरस्वती वंदना अन्तर्राष्ट्रीय कवयित्री प्रो.(डाॅ.) शशि तिवारी द्वारा की गई। पत्रिका की सह संपादक डाॅ.कविता सिंह प्रभा ने सभी अतिथियों एवं कार्यक्रम से जुड़े साहित्य मनीषियों का शब्द सुमन से हृदयंगम स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम प्रभारी डाॅ.यशोधरा यादव 'यशो' द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापित किया पत्रिका की कार्यकारी संपादक चन्द्रिका जोशी जी ने। प्रबंध संपादक प्रेम राजावत धिमिश्रीया ने संयोजन के दायित्व का निर्वहन किया।

      काव्य गोष्ठी का विषय ग्रीष्म ऋतु को लेकर था। गोष्ठी का थीम गीत विषय अनुकूल डाॅ. शशि तिवारी ने प्रस्तुत किया 'जिया कैसे राखूँ तुम बिन साँवरिया ' तथा मुख्य अतिथि के गीत 'मेरे सपनों के आंगन में' को अत्यंत सराहना मिली।

   डाॅ.राजेंद्र मिलन, अशोक अश्रु विद्यासागर, डाॅ.शशिगोयल, दुर्ग विजय सिंह दीप, सुशील सरित की उपस्थिति में भारत के प्रमुख शहरों के करीब तीस कवियों ने कविता पाठ किया।

       कार्यक्रम में श्रीमती संतोष तोषनीवाल,( इंदौर), प्रणव कुमार कुलश्रेष्ठ,(टूण्डला) ,संजय गुप्ता, विजय तिवारी, ई.हरीश कुमार भदौरिया, डाॅ.रेखा कक्कड़, डाॅ.सुकेशनी दीक्षित, नीता दानी, डाॅ.रामेंद्र शर्मा 'रवि', गायत्री देवी, आभा मेहरा, डाॅ.मंजू स्वाति, शशि तनेजा (आगरा), डाॅ.रमेश कटारिया 'पारस', (ग्वालियर) डाॅ.रामनिवास तिवारी, (निवाड़ी), डाॅ.सुदेश भाटिया विद्यासागर, निशि गंधा (दिल्ली), इलियास अहमद खान, (पोर्टब्लेयर), मृगनयनी पांडेय, (फरीदाबाद) आदि ने काव्य पाठ किया।

Comments