साहित्य सेवी संजय गुप्त को लखनऊ में मिला साहित्य साधक सम्मान

आगरा। लखनऊ की साहित्य एवं अध्यात्म की संस्था अंतरराष्ट्रीय श्री सुर संगम काव्य गंग धारा ने आगरा के साहित्य सेवी संजय गुप्त को उल्लेखनीय साहित्यिक उपलब्धियों के लिए "साहित्य साधक सम्मान" से सम्मानित किया गया। संजय गुप्त द्वारा लिखित चार पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है तथा एक हजार से अधिक कविता, कहानी, आलेख व समीक्षा लिख चुके हैं। आकाशवाणी पर वार्ताओं के प्रसारण के अतिरिक्त छह सौ से अधिक ऑनलाइन कार्यक्रमों में रचनाओं का पाठ कर चुके हैं। अनेक राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक सांस्कृतिक संस्थाओं से सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।

विधान सभा मार्ग स्थित होटल में आयोजित पुस्तक लोकार्पण, काव्य गोष्ठी और सम्मान समारोह में पटना (बिहार) से वरिष्ठ साहित्यकार राशदादा राश, डीग (राजस्थान) से प्रकाश चंद पाराशर एवं सोहन लाल शर्मा प्रेम, रतलाम से डॉ० प्रकाश उपाध्याय, कानपुर से कुसुम सिंह अविचल एवं नोएडा से उमाकांत त्रिपाठी की उपस्थिति में संस्था की संस्थापक अध्यक्ष श्री श्री मिश्रा ने देश के विभिन्न भागों से आए रचनाकारों को कविता संग्रह "मां नर्मदा" का लोकार्पण के अवसर पर यह सम्मान प्रदान किया। समारोह में पांच अन्य पुस्तकों का भी लोकार्पण किया गया। 

कार्यक्रम में दिल्ली से ब्रह्मदेव शर्मा, बाराबंकी से डॉ. अमरेन्द्र वर्मा, अजमेर से सत्य रूपा तिवारी, कानपुर से आर. एन. सिंह, बिसौली से एन पी पाठक, नोएडा से संध्या दीक्षित, लखनऊ से रश्मि सिंह, नन्दलाल मणि त्रिपाठी, भारत भूषण मिश्रा, मोहित अग्रवाल आदि ने सामयिक रचनाओं का पाठ किया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित के पश्चात मीनाक्षी भारद्वाज की वंदना से हुआ। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री श्री मिश्रा ने किया।

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