- बंद घरों में मौजूद डस्ट माइट के कारण बच्चों में सांस, त्वचा और पेट के एलर्जिक रोग हो रहे पैदा।
. आईएपी के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस मिड टर्म पीईडी ऑल ईआर कॉन-2026 का हुआ उद्घाटन
. एलर्जिक रोगों के कारण, बचाव और उपचार पर हुई चर्चा
- कॉन्फ्रेंस में 250 से अधिक विशेषज्ञों ने की सहभागिता
आगरा। वर्तमान में बच्चों में एलर्जिक रोगों का प्रमुख कारण बना हाउस डस्ट माइट। बंद घरों में मौजूद डस्ट माइट के धूल के कणों के कारण बच्चों में सांस, त्वचा और पेट के एलर्जिक रोग हो रहे पैदा। एलर्जी संबंधित रोगों के करण, बचाव, निदान, आधुनिक जांच और चिकित्सा प्रणाली पर देशभर से आए विशेषज्ञ मंथन कर रहे हैं। इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स आगरा के तत्वाधान में दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस मिड टर्म पीईडी ऑल ईआर कॉन-2026 (MID TURM PED ALL ER CON-2026) का आयोजन हरीपर्वत स्थित होटल होलीडे इन में किया जा रहा है। कॉन्फ्रेंस में देशभर से आए 250 से अधिक विशेषज्ञों ने की सहभागिता। आईएपी के प्रदेश अध्यक्ष और चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ.आरएन द्विवेदी, डॉ. प्रदीप चावला, आईएपी आगरा के अध्यक्ष डॉ, संजीव अग्रवाल, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राहुल पैंगोरिया, फाइनेंस सेक्रेटरी डॉ. स्वाति द्विवेदी द्वारा संयुक्त रूप से बताया गया कि कॉन्फ्रेंस के पहले दिन शनिवार सुबह दो कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिसमें स्किन एलर्जी टेस्टिंग पर तमिलनाडु की डॉक्टर एस नर्मदा और लंग्स फंक्शन टेस्टिंग पर लखनऊ की डॉक्टर शीतांशु द्वारा व्याख्यान दिए गए। उनका कहना था कि डस्ट माइट धूल के कीड़े" या "धूल के कणों" से ही बच्चों को एलर्जी संबंधित रोग हो रहे हैं। ये कीड़े बहुत छोटे होते हैं, जो मुख्य रूप से घर की धूल में पाए जाते हैं और इंसानों की त्वचा की कोशिकाओं को खाते हैं। यह आमतौर पर तकियों, गद्दों, चादरों, कालीनों और सोफे पर पाए जाते हैं। इनसे होने वाली एलर्जी के लक्षणों में छींक आना, नाक बहना, आंखों में खुजली और सांस लेने में तकलीफ (अस्थमा) शामिल हैं।बचाव के उपाय में बिस्तर की चादरें और तकिये के कवर हर हफ्ते गर्म पानी में धोएं। गद्दों और तकियों को धूप दिखाएं। घर में धूल को कम करने के लिए झाड़ू की जगह गीला पोंछा लगाएं। पैनल डिस्कशन में डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. मितेश और डॉक्टर सौम्या नागरंजन ने विभिन्न प्रकार के एलर्जिक रोगों के कारण बचाव और उपचार पर व्याख्यान दिए। शाम को कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन मुख्य अतिथि वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एच परमेश द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। स्वागत उद्बोधन आयोजन सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया और आभार व्यक्त चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ.आरएन द्विवेदी द्वारा किया गया। कुशल संचालन फाइनेंस सेक्रेटरी डॉक्टर स्वाति द्विवेदी द्वारा किया गया। कॉन्फ्रेंस में 250 से अधिक विशेषज्ञों ने की सहभागिता।
कॉन्फ्रेंस में ये रहे मौजूद
डॉ. राजीव कृषक, डॉ. आर एन शर्मा, डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. अरुण जैन, डॉ. नीरज यादव, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. सोनिया भट्ट, डॉ. अश्वनी यादव, डॉ. अतुल बंसल, डॉ. अभिषेक गुप्ता मौजूद रहे।
स्टॉल्स बने आकर्षण का केंद्र
कॉन्फ्रेंस में 35 से अधिक स्टॉल्स आकर्षण का केंद्र बने। जहां विशेषज्ञों ने पहुंच कर आधुनिक तकनीकी और चिकित्सा प्रणाली से संबंधित उत्पादों का अवलोकन किया।


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