पार्क हॉस्पिटल आगरा में उन्नत रोबोटिक घुटना सर्जरी से बेहतर और तेज़ उपचार संभव



. रोबोटिक सर्जन डॉ. भानु प्रताप सिंह सलूजा ने हॉस्पिटल में दो माह में 100 से अधिक रोबोटिक घुटना रिसर्फेसिंग सर्जरी कर रचा इतिहास

आगरा। पार्क केपीआईएमएस हॉस्पिटल, आगरा में उन्नत रोबोटिक टेक्नोलॉजी एवं सटीक सर्जिकल सिस्टम की उपलब्धता से मरीजों को अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर रोबोटिक घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. भानु प्रताप सिंह सलूजा ने बताया कि अस्पताल में अब तक 100 से अधिक रोबोटिक घुटना रिसर्फेसिंग सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 31 मई 2026 तक मरीजों को रोबोटिक सर्जरी के लाभ उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।

उन्होंने कहा कि भारत में घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी की संख्या तेजी से बढ़ रही है और हर वर्ष लगभग 2.5 मिलियन सर्जरी की जाती हैं। पूर्व में इसे एक जटिल प्रक्रिया माना जाता था, जिसमें मरीज को 3–4 सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता था। किंतु आधुनिक रोबोटिक तकनीक के माध्यम से अब सर्जरी 12–15 मिनट में पूर्ण हो जाती है, रक्त चढ़ाने, टांकों या ड्रेन की आवश्यकता न्यूनतम होती है, छोटे चीरे (लगभग 3.5–4 इंच) लगाए जाते हैं तथा मरीज 4 घंटे के भीतर चलना प्रारंभ कर देता है। अधिकांश मरीज अगले ही दिन सीढ़ियां चढ़ने लगते हैं और 7–10 दिनों में सामान्य गतिविधियों में लौट आते हैं।

इस अवसर पर कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉ. अनिल कपूर ने बताया कि भारत का मेडिकल टूरिज्म उद्योग वर्ष 2026 तक 13 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारत में उपचार की लागत अमेरिका एवं यूरोप की तुलना में काफी कम है, जबकि उपचार की गुणवत्ता वैश्विक मानकों के अनुरूप है।

दिल्ली से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी तथा ताजमहल, आगरा किला एवं फतेहपुर सीकरी जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थलों की उपस्थिति के कारण आगरा तेजी से मेडिकल टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। देश-विदेश से मरीज उन्नत रोबोटिक जॉइंट सर्जरी के लिए पार्क हॉस्पिटल, आगरा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

डॉ. सलूजा ने यह भी बताया कि कोविड-19 के बाद स्टेरॉयड के उपयोग के कारण कूल्हे से संबंधित समस्याओं में वृद्धि हुई है, जिससे एवास्कुलर नेक्रोसिस (AVN) जैसे रोग सामने आ रहे हैं। कुछ मामलों में सीमित सर्जिकल उपचार पर्याप्त होता है, जबकि गंभीर स्थिति में कूल्हा प्रत्यारोपण की आवश्यकता पड़ सकती है।

उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से मरीज की शारीरिक संरचना के अनुसार इम्प्लांट का चयन किया जाता है, हड्डियों की सटीक एलाइनमेंट सुनिश्चित होती है, स्वस्थ ऊतकों की सुरक्षा होती है, रक्तस्राव कम होता है तथा दर्द में कमी के साथ तेजी से रिकवरी संभव होती है।

इस अवसर पर पार्क हॉस्पिटल, आगरा के सीईओ दिव्य प्रशांत बजाज ने बताया कि अस्पताल CGHS, आयुष्मान भारत तथा सभी प्रमुख टीपीए से संबद्ध है। अस्पताल में नियमित रूप से उन्नत रोबोटिक जॉइंट रिसर्फेसिंग एवं स्पोर्ट्स इंजरी सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

ऑस्टियोआर्थराइटिस के प्रमुख लक्षण:
* चलने या सीढ़ियां चढ़ते समय दर्द
* आराम की स्थिति में भी दर्द
* जोड़ों में सूजन
* निष्क्रियता के बाद जकड़न
* घुटनों का मुड़ना या टेढ़ापन
* जोड़ों में घर्षण या चटकने की अनुभूति

रोबोटिक घुटना सर्जरी के प्रमुख लाभ:
* अधिक सटीकता के साथ सर्जरी
* व्यक्तिगत (कस्टमाइज्ड) सर्जिकल योजना
* छोटे चीरे
* कम दर्द एवं शीघ्र रिकवरी
* इम्प्लांट की लंबी आयु

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