- देशभर के विशेषज्ञ मेनिन्जाइटिस, एन्सेफलाइटिस , मस्तिष्क इन्फेक्शन , दिमाग की टीवी के आधुनिक उपचार पर करेंगे चर्चा
- मस्तिष्क संक्रमण से सुनने की कमी, दौरे, लकवा या मानसिक विकास में देरी जैसी समस्याएँ विकसित हो रहीं
आगरा। वर्तमान में बच्चों में मस्तिष्क संक्रमण समूचे भारतवर्ष में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनकर उभरा है। हर वर्ष लाखों बच्चे मेनिन्जाइटिस, एन्सेफलाइटिस एवं मस्तिष्क टीबी जैसी घातक बीमारियों से ग्रसित होते हैं, जिनसे बच्चों की मृत्यु के साथ स्थायी विकलांगता का भी खतरा बना रहता है। इन्हीं घातक और जानलेवा रोगों के कारण, बचाव और उपचार पर मंथन करने के लिए आगरा में दो दिवसीय न्यूरो आईडी कॉन 2026 का आयोजन 28 फरवरी और 1 मार्च को होटल क्लार्क शिराज में किया जा रहा है। इसमें देशभर के बाल रोग विशेषज्ञ एक मंच पर आधुनिक उपचार, शीघ्र पहचान और रोकथाम की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। मंगलवार को आवास विकास स्थित होटल भावना क्लार्क इन में न्यूरो आईडी कॉन 2026 के आयोजित पोस्टर विमोचन समारोह में चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन, ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ आरएन द्विवेदी, डॉ राजेश्वर दयाल, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. प्रदीप चावला, डॉक्टर संजय सक्सेना, डॉ राजीव कृषक, डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. राहुल पैंगोरिया, डॉ अतुल बंसल, डॉ अभिषेक गुप्ता, डॉ पंकज कुमार, डॉ राजीव जैन, डॉ सोनिया भट्ट, डॉ प्रीति जैन, डॉ अश्विनी यादव, डॉ अमित सक्सेना, डॉ मनीष सिंह द्वारा संयुक्त रूप से कॉन्फ्रेंस के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन ने बताया कि होटल क्लार्क सिराज में 28 फरवरी और 1 मार्च को आयोजित दो दिवसीय नेशनल न्यूरो आईडी कॉन 2026 में देशभर के बाल रोग विशेषज्ञ & न्यूरोलॉजिस्ट भारत में गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुके न्यूरो-इन्फेक्शन (मस्तिष्क संक्रमण) जैसे जानलेवा रोग पर चर्चा करेंगे। कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि आईएपी की नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. नीलम मोहन और विशिष्ट अतिथियों में आईएपी के प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ सिंगारवेलू एम , नेशनल सेक्रेटरी डॉ. रुचिरा माहेश्वरी गुप्ता, पीडा के नेशनल चेयरपर्सन डॉ. संजय घोरपड़े, एओपीएन के नेशनल सेक्रेटरी डॉ. विनीत बनखंडे, एओपीएन के नेशनल चेयरपर्सन डॉ. जितेंद्र कुमार साहू, पीडा के नेशनल सेक्रेटरी डॉ. केके अरोरा, एओपीएन के यूपी के प्रेसिडेंट डॉ. अशोक राय और सेक्रेटरी डॉ. अनूप कुमार मौजूद रहेंगे। चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष संभावित 6 लाख से अधिक एन्सेफलाइटिस तथा लगभग 5.5 लाख मेनिन्जाइटिस के मामले सामने आते हैं, जिनमें हजारों बच्चों की मृत्यु होती है। सीएनएस ट्यूबरकुलोसिस (मस्तिष्क टीबी) में मृत्यु दर 30 प्रतिशत से अधिक है और जीवित बचे बच्चों में स्थायी विकलांगता की संभावना रहती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बच्चों में मेनिन्जाइटिस एवं एन्सेफलाइटिस जैसी मस्तिष्क संक्रमण बीमारियाँ मृत्यु और स्थायी विकलांगता का प्रमुख कारण हैं। हर पांच में से एक जीवित बचे बच्चे में सुनने की कमी, दौरे, लकवा या मानसिक विकास में देरी जैसी समस्याएँ विकसित हो जाती हैं। रोग की रोकथाम और आधुनिक उपचार पर देशभर के विशेषज्ञ चर्चा करेंगे, जिससे बच्चों को इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से निजात दिलाई जा सके और वह स्वस्थ व निरोगी जीवन व्यतीत कर सकें।
कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य
• बच्चों में न्यूरो-इन्फेक्शन के बढ़ते बोझ पर जागरूकता।
• आधुनिक निदान एवं उपचार पद्धतियों पर चर्चा।
• टीकाकरण एवं रोकथाम रणनीतियों को बढ़ावा।
• राष्ट्रीय स्तर पर शोध एवं सहयोग को प्रोत्साहन
शोध पत्र पढ़ने के साथ होगा पैनल डिस्कशन
सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ विशेषज्ञ, बाल रोग चिकित्सक, न्यूरोलॉजिस्ट, युवा डॉक्टर एवं शोधार्थी भाग लेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम में वैज्ञानिक सत्र, पैनल चर्चा, कार्यशालाएं एवं केस-आधारित शिक्षण आयोजित होंगे। इस दौरान शोध पत्र भी पढ़े जाएंगे।

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