भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर देवनागरी संस्था ने अटल स्मृति साहित्य पर्व-अटलांजलि"का आयोजन

आगरा। मातृभाषा हिंदी को समर्पित "देवनागरी"‌‍‌‌‌‌ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था - आगरा के तत्वावधान में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जन्मोत्सव की पूर्व संध्या व जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर "अटल स्मृति साहित्य पर्व-अटलांजलि" का भव्य आयोजन वरिष्ठ कवयित्री राज फौजदार  के आवास 42 देवीराम फूड सर्किल के सामने बोदला आगरा पर बड़ी धूमधाम से संपन्न हुआ।* 

          मुख्य अतिथि डॉ.राजेन्द्र मिलन [सदस्य-हिंदी सलाहकार समिति भारत सरकार] ने अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।

             अध्यक्षता कर रहे ब्रज कवि डॉ. ब्रज बिहारी लाल 'बिरजू' ने अटल जी को महामानव की संज्ञा देकर उनके अमरत्व का गुणगान किया और देश में आपातकाल में हिंदी साहित्य के माध्यम से अटल जी ने आजादी की लड़ाई को पांचजन्य, मादरे  हिंद  जैसे राष्ट्रीय मुख पत्रों में अपनी लेखनी से अंग्रेजों को करारा जबाब दिया।

          दीप प्रज्ज्वलन नंदनंदन गर्ग प्रांतीय महामंत्री-संस्कार भारती ब्रज प्रांत आगरा ने किया। विशिष्ट अतिथि डॉ.सुषमा सिंह ने  अटल जी के कुशल कार्यकाल पर चर्चा की।

          सरस्वती वंदना कंठ कोकिला रमा वर्मा ने की। कार्यक्रम संयोजिका राज फौजदार व अशोक फौजदार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

          कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि डॉ.यशोयश ने किया। आमंत्रित कवि-कवयित्रियों में सर्वश्री कव डॉ.यशोयश, राज फौजदार, आचार्य नीरच्ज शास्त्री, प्रभुदत्त उपाध्याय, उमाशंकर पाराशर, अलका शर्मा, अशोक गोयल, राम अवतार शर्मा, रश्मि सिंह, रेनू यशोयश, मिथलेश सिंघानिया आदि ने अटल जी पर कविताऐं पढ़ी जिनको सभी श्रोताओं ने खूब सराहा।

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