अब स्कूलों को आफीशियली वेबसाइट पर स्कूल फीस, शैक्षणिक भ्रमण, परिवहन, व्यक्तिगत क्रिया कलाप व सभी प्रकार के शुल्क तथा प्रिंसिपल का दूरभाष नम्बर एवं स्कूल वाहनों के ड्राइवरों का देना होगा पूर्ण ब्यौरा



आगरा। ताज नगरी में निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बाद शनिवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी द्वारा की जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009 तथा उ.प्र.स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम- 2018 के अंतर्गत प्रकरण पर विचार किया गया। जिलाधिकारी महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपरोक्त दोनों एक्ट का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए, उन्होंने सभी विद्यालय संचालक व प्रिंसिपल को अपने स्कूल की आफीशियली वेबसाइट पर स्कूल फीस का पूर्ण विवरण दर्ज करने, शैक्षणिक भ्रमण, परिवहन, व्यक्तिगत क्रिया कलाप, सभी प्रकार के शुल्क तथा प्रिंसिपल का दूरभाष नम्बर अपडेट करने के कड़े निर्देश दिए।

 बैठक में नवीन शुल्क न लगाने, उपभोक्ता सूचकांक के आधार पर शुल्क नियामक समिति के अनुमोदन उपरांत नियमानुसार ही फीस में वृद्धि करने, प्रत्येक वर्ष अनावश्यक रूप से यूनिफार्म में बदलाव न करने, स्कूल होलोग्राम युक्त टेक्स्ट बुक/कॉपी खरीद व विशिष्ट दुकान से ही खरीद हेतु बाध्य न करने, यदि छात्र-छात्राओं पर पुरानी पाट्ठय पुस्तक है तो उन्हें नई किताबें खरीदने को नहीं कहा जायेगा, जिलाधिकारी महोदय ने कड़े निर्देश दिए कि विद्यालयों द्वारा किसी एक दुकान पर विद्यालय के लोगोयुक्त यूनिफार्म की मोनोपोली न हो सुनिश्चित किया जाए, लोगो हर जगह शुलभ और उपलब्ध हो, जिससे अभिभावकों द्वारा कहीं भी आसानी से यूनिफार्म मिल सके। 

 नियम के विपरीत अलग से पाठ्यक्रम में पुस्तकें न जोड़ी जाए तथा कक्षा 01 से 08 तक तथा अन्य उच्च कक्षाओं का परिसर अलग-अलग रखा जाए, बैठक में 18 साल से कम उम्र के छात्र-छात्राओं द्वारा वाहन लेकर स्कूल में प्रवेश देने पर सम्बन्धित स्कूल के प्रिसिपल की जवाबदेही तय की जायेगी, इस हेतु अभिभावकों को पैरेंट्स मीटिंग में चेतावनी जारी करने, सुधार न होने की स्थिति में गाड़ी नम्बर सहित डिस्ट्रिक कमेटी को अवगत कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिए निर्देशों का अनुपालन न होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध एफआईआर, मान्यता रद्द तथा जुर्माने की कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। 

 शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009 के अंतर्गत निजी स्कूलों में वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के चयनित बच्चों को प्रवेश न देकर बच्चों की पात्रता, अभिलेख सत्यापन कर अभिभावकों को परेशान करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम चयनित बच्चे का सम्बन्धित स्कूल प्रवेश लें, तथा प्रवेश हेतु अभिभावकों से मिलने का समय निर्धारित करने व तत्काल प्रवेश देने के कड़े निर्देश दिए, प्रवेश न लेने वाले स्कूल संचालक व प्रिंसिपल के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 स्कूल जाने वाले बच्चों की परिवहन व्यवस्था तथा सुरक्षा की भी समीक्षा की गई, जिलाधिकारी महोदय ने सम्बन्धित को 01 अपै्रल से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि सभी प्रिंसिपल, स्कूल संचालक अपने स्कूल वाहनों की शत-प्रतिशत फिटनेस सुनिश्चित करायें, बच्चों को वाहन पर सुरक्षित चढ़ाने व उतारने हेतु स्टाफ की नियुक्ति तथा जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था स्थापित करें, जिलाधिकारी आगरा ने शत-प्रतिशत फिटनेस के साथ ही सभी वाहन चालकों के लाइसेंस, स्कूल वाहनों को चलाने हेतु नियमानुसार अनुभव,सभी स्कूल वाहनों के ड्राइवरों का पूर्ण ब्यौरा, स्कूली वाहनों का परमिट, बीमा, प्रदूषण इत्यादि प्रपत्रों को स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करने के कड़े निर्देश दिए, अन्यथा की स्थिति में ऐसे वाहनों को सीज करने की कार्यवाही की जायेगी। विद्यालय स्तर पर परिवहन यान सुरक्षा समिति का गठन करने, शैक्षिक सत्र में चार बार अनिवार्य रूप से बैठक कराने तथा उपरोक्त की प्रभावी मॉनीटरिंग हेतु सम्बन्धित खण्ड शिक्षा अधिकारी को नामित करने को निर्देशित किया। बैठक में बताया गया कि कतिपय अभिभावकों द्वारा बच्चों हेतु बिना परमिट वाले वाहन संचालित किए जाते हैं, जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बिना परमिट वाले वाहनों में स्कूली बच्चों को परिवहन निषिद्ध है, यदि अभिभावक प्राइवेट गाड़ी हायर करते हैं, तो उन्हें इस हेतु परमिट लेना अनिवार्य होगा, बिना परमिट व फिटनेस वाले वाहनों से परिवहन करने वाले बच्चों को किसी भी स्कूल द्वारा प्रवेश नहीं दिया जायेगा, यदि बिना परमिट वाहन में परिवहन कर आयें बच्चों का स्कूल में प्रवेश लिया जाता है तो स्कूल संचालक व प्रिंसिपल स्वयं जिम्मेदार होंगे। 

 बैठक में सीडीओ श्रीमती प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर श्री यमुनाधर चौहान, डीआईओएस श्री चन्द्रशेखर, बीएसए श्री जितेन्द्र गौंड़ सहित सभी बीईओ व स्ववित्त पोषित विद्यालयों के संचालक व प्रिंसिपल आदि मौजूद रहे।

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