- डॉ राकेश भाटिया ने रीड की हड्डी की जांच के महत्व पर व्याख्यान दिया
- समापन पर ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉक्टर अरुण जैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया
आगरा। न्यूरोलॉजिकल रोगों में बच्चों में न्यूरो इन्फेक्शन नंबर वन पर है। बच्चों में मस्तिष्क के भीतर संक्रमण (इंट्राक्रैनियल संक्रमण) आपातकालीन स्थिति और मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। इंट्राक्रैनियल संक्रमण एक जानलेवा संक्रमण है जो मेनिन्जेस या मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है। इससे बचाव के लिए ब्रेन का प्रेशर मॉनिटरिंग होना जरूरी है। यह बात पीजीआई चंडीगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुनित सिंघी ने होटल क्लार्क शिराज में इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय न्यूरो आईडी कॉन 2026 के दूसरे दिन रविवार को अपने सेशन के माध्यम से कही। उन्होंने न्यूरो इन्फेक्शन के रोग की मॉनिटरिंग की आधुनिक पद्धति पर व्याख्यान दिया। उनका कहना था कि बच्चों के मस्तिष्क के भीतर दौरा पड़ता रहता है और माता-पिता अनविज्ञ रहते हैं। तेज दिमाग के बुखार के बाद बेहोशी होने पर तत्काल बच्चों के न्यूरोलॉजी चिकित्सक से परामर्श लें। इंट्राक्रैनियल प्रेशर मॉनिटरिंग आधुनिक तकनीकी से मस्तिष्क में संक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो जाती है, जिसे इलाज में सहूलियत रहती है।
इस दौरान चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ राकेश भाटिया और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन ने अतिथियों का स्वागत कर संबोधित किया। वहीं दूसरी ओर सेशन में इंटरनेशनल न्यूरोलॉजी ऑफ पीडियाट्रिक की अध्यक्ष डॉक्टर प्रतिभा सिंघी ने कहा कि ब्रेन फीवर के कारण ही 50 प्रतिशत दौरे बच्चों में पढ़ते हैं। न्यूरो इन्फेक्शन के लक्षण प्रतीत होने पर तत्काल इलाज आवश्यक है। दूसरे सेशन में चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ राकेश भाटिया ने मस्तिष्क संक्रमण में रीड की हड्डी की जांच के महत्व पर व्याख्यान दिया। डॉ बालासुब्रमण्यम, डॉ अनीता हेगडे, डॉक्टर भास्कर, डॉ सुरेश नाथ एम ने ट्रॉपिकल न्यूरो इन्फेक्शन पर चर्चा की। न्यूरो इन्फेक्शन के टीकाकरण की जानकारी दी। डॉ संजय जोशी, डॉ अशोक राय, डॉक्टर आनंद केशव नाथ, डॉक्टर एनसी प्रजापति ने न्यूरो इंफेक्शन जैसी बीमारियों पर चर्चा की। चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ राकेश भाटिया और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन ने धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया गया। चिकित्सकों स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
ये रहे मौजूद
कॉन्फ्रेंस में पीडा के नेशनल चेयरपर्सन डॉ. संजय घोरपड़े, एओपीएन के नेशनल सेक्रेटरी डॉ. विनीत बनखंडे, आएपी के प्रदेश अध्यक्ष व ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ आरएन द्विवेदी, एओपीएन के नेशनल चेयरपर्सन डॉ. जितेंद्र कुमार साहू, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. प्रदीप चावला, डॉक्टर संजय सक्सेना, डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. राहुल पैंगोरिया, डॉ. डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. राजीव जैन, डॉ. सोनिया भट्ट, डॉ. प्रीति जैन, डॉ. अश्विनी यादव, डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. मनीष सिंह मौजूद रहे।
कॉन्फ्रेंस में पढ़े गए 44 शोधपत्र
चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन ने बताया कि दो दिवसीय कांफ्रेंस में देश भर के आए 44 शोध पत्र पढ़े गए। इन शॉर्ट पत्रों के माध्यम से न्यूरो इन्फेक्शन के इलाज में चिकित्सकों को लाभ मिलेगा।
450 से अधिक डेलिगेट्स हुए शामिल
चीफ ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. राकेश भाटिया और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण जैन ने बताया कि दो दिवसीय कांफ्रेंस में देश भर के 450 से अधिक डेलीगेट्स ने लिया भाग, इसमें इंटरनेशनल स्पीकर ने भी युवा चिकित्सकों के समझ व्याख्यान देकर आधुनिक तकनीकियों से अवगत कराया, जिससे उन्हें मरीज के इलाज में मदद मिलेगी।

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