प्रेमोत्सव के रूप में श्रद्धा तथा अति उल्लास के साथ मनाया गया महाशिवरात्रि

 




आगरा। महाशिवरात्रि पर कृष्ण एवेन्यू शिवमय हो गया। जहाँ *प्रेमोत्सव* के रूप में श्रद्धा तथा अति उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित कवि एवं कवयित्रियों ने शिव, प्रेम और वसंत की त्रिवेणी-धार के दर्शन करा दिए। मुख्य अतिथि प्रो.लवकुश मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के विचार मंथन से एक ही भाव निकलता है वह है ' *साक्षीभाव* । जो समग्र जीवनका सार तत्व है। यही बात कृष्ण ने गीता में कही, यही सार आदि शंकराचार्य के निर्वाण षटकम में मिलता है। कार्यक्रम की अध्यक्ष डाॅ.कुसुम चतुर्वेदी ने भी इसी प्रसंग में योग करते हुए  कहा कि आचार्य रजनीश ने भी साक्षीभाव के महत्व को अपने चिंतन तथा दर्शन में रखा है। विशिष्ट अतिथि डाॅ.राजेंद्र मिलन ने कहा कि समग्र सृष्टि का निचोड़ सिर्फ प्रेम  है। इसका संदेश हमें कृष्ण की लीलाओं में देखने को मिलता है।

  कार्यक्रम का प्रारंभ कवयित्री निशिराज की सारस्वती वंदना से  हुआ। कार्यक्रम का संयोजन एवं काव्यमयी संचालन डाॅ.शशि गुप्ता ने किया। 

    कार्यक्रम में सुशील सरित, अशोक अश्रु, डाॅ.मधु भारद्वाज, डाॅ.भावना वरदान, ब्रजबिहारी 'बिरजू', निर्मल राकेश, आचार्य उमाशंकर, रामेंद्र शर्मा, प्रकाश गुप्ता बेबाक, सुधा वर्मा, चन्द्र शेखर शर्मा आदि की विशेष उपस्थिती रही। कार्यक्रम के व्यवस्थापक राजकुमार जैन रहे तथा धन्यवाद आर.के गुप्ता द्वारा दिया गया।

Comments