विश्व हिंदी दिवस : मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की तृतीय हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में आगरा के डॉ. राजेन्द्र मिलन, श्रुति सिन्हा, हरीओम शर्मा ने रखे अपने विचार
- मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की तृतीय हिंदी सलाहकार समिति की हुई बैठक
- हिंदी एक सशक्त भाषा,अपने जीवन में बढ़ाये उपयोग-राजीव रंजन सिंह
- अपने घर में उपयोग से हिंदी को मिलेगी मजबूती - प्रो एस पी सिंह बघेल
विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह की अध्यक्षता में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की तृतीय संयुक्त हिन्दी सलाहकार समिति की बैठक नई दिल्ली में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी सदस्यों का स्वागत किया गया। तत्पश्चात, मंत्रालय के दोनों विभागों, मत्स्यपालन विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से उनके यहाँ किए जा रहे राजभाषा कार्यान्वयन कार्यों के संबंध में एक प्रस्तुति की गई, जिसमें उल्लेखित प्रगति एवं प्रयासों की समिति के सदस्यों ने सराहना की।
इस अवसर पर मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय मंत्री राजीव रंजन सिंह और मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय राज्य मंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल ने संयुक्त रूप से इस अवसर पर पशुपालन और डेयरी विभाग तथा मत्स्यपालन विभाग की हिंदी पत्रकाओं क्रमशः सुरभि, मत्स्य भारती और मत्स्य कीर्ति तथा विभागीय शब्दावली का विमोचन किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि हिंदी एक सशक्त भाषा है और हमे अपनी हीन भावना से ऊपर उठकर सरकारी और निजी कार्यो में इसका अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए,तभी हम उसे आगे बढ़ा पाएंगे।
राज्य मंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी की बेहतरी के लिए हमे उसका उपयोग अपने घर से ही प्रारंभ करना होगा,तभी आने वाली पीढ़ी को उसकी महत्ता पता चलेगी।
इस अवसर पर राज्य सभा सांसद नरेश बसंल, रघुवीर शर्मा, राहुल राज ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
चित्र परिचय - राहुल राज ,सदस्य संयुक हिंदी सलाहकार समिति प्रो एस पी सिंह बघेल, केंद्रीय राज्य मंत्री, मत्स्य पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, श्री राजीव रंजन, केंद्रीय मंत्री, मत्स्य पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, डॉ राजेंद्र मिलन सदस्य , हिंदी सलाहकार समिति, श्रीमती श्रुति सिन्हा, सदस्य संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति, मत्स्य पशुपालन और डेयरी मंत्रालय |
इस दौरान आगरा के चयनित सदस्य डॉ. राजेन्द्र मिलन ने कहा कि हिंदी के विकास के लिए हमें दरवाजे खुले रखने होंगें, जिससे हम अन्य भाषाओं के उन शब्दों को आत्मसात कर सकें जो बड़ी सरलता से हमारी मातृभाषा में समायोजित हो जाते हैं।
वहीं श्रुति सिन्हा ने हिंदी के मानक शब्दों को पूर्णत ग्रहण करने की बात पर जोर दिया। हरीओम शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
विभागीय मंत्रियों ने अपने सम्बोधन में मत्स्यपालन विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा किए गए बेहतर राजभाषा कार्यान्वयन के लिए संबन्धित अधिकारियों को बधाई दी तथा मंत्रालय के दैनिक कार्यालयी कार्यों में राजभाषा हिन्दी के अधिक से अधिक प्रयोग की अपील की।
कार्यसूची पर विस्तृत विचार-विमर्श के दौरान समिति के सभी सदस्यों ने राजभाषा के कार्यान्वन हेतु किए गए प्रयासों और प्रयत्नों की सराहना की और मंत्रालय में हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने तथा लक्ष्यों को प्राप्त करने संबंधी अपने विस्तृत सुझाव और विचार प्रस्तुत किए। विशेष रूप से, सभी गैर सरकारी सदस्यों ने पिछली बैठक की तुलना में मत्स्यपालन विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग में हिंदी के प्रयोग की दिशा में हुई प्रगति की सराहना की ।
बैठक में पशुपालन और डेयरी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्टाफ भी उपस्थित रहे। हिंदी के व्यापक उपयोग की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम रही।
इस दौरान आगरा से पहुंचे हिंदी सलाहाकार समिति के सदस्यों को प्रोट्रोकॉल आफिसर विक्टर बिलंग ने निष्ठा पूर्वक अपनी सेवाएं प्रदान की।

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